रेत माफियाओं के कर्णधार बने चेतराम, थाना प्रभारी के साख पर बट्टा लगा रहे रेत माफिया व बीट प्रभारी

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बुढ़ार। बुढार थाना अंतर्गत ग्राम छाँटा, चंगेरा में सोन नदी के घाट से इन दिनों रेत की तस्करी जारी है
माफियाओं ने रातों दिन रेत निकालने के लिए स्थानों का अच्छा चैन किया हुआ है दो रास्ते होने के कारण इन रेत माफियाओं को पकड़ना मुश्किल होता है इसी का फायदा स्थानीय निवासी उठाकर रेत की तस्करी कर रहें हैं।
कौन लगाता है मुखबिर
छाँटा जाने के मुख्य मार्ग से ही मुखबिर लग जाते जैसे ही कोई अनजान एवं चार पहिया वाहन उस रास्ते पर गुजरती है रेत माफियाओं के गुर्गे मोबाइल फोन पर जानकारी दे देते है जिससे वाहन चालक एवं मालिक सतर्क होकर गाड़ी को अपने घरों व झाड़ियों में छिपा देते है।
*कौन है सरगना*
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गांव के बलराम उर्फ बल्लू,राकेश,संतोष की तिकड़ी बड़े जोर शोर से 3 से 4 ट्रेक्टर लगाकर खुलेआम रेत निकाल रहें हैं और बचाव करने के लिए बीट प्रभारी को सेट किए हुए हैं।
*खर्चा दे रहे थे क्यों नहीं लिए*
थाना प्रभारी बुढार संजय जयसवाल के द्वारा सख्त निर्देशित किया गया है कि अवैध रेत गाड़ियां मिलती है तो कार्यवाही की जाएगी।

आज सुबह 6 बजे सोन नदी के घाट में चार ट्रैक्टर अवैध रेत उत्खनन पर लगी थी जिसकी सूचना पत्रकारों को मिली पत्रकारों ने थाना प्रभारी को जानकारी दी थाना प्रभारी ने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया साथ ही बीट प्रभारी सहित टीम गठित कर मौके पर भेजा गया परंतु बीट प्रभारी ने अपनी नौकरी को दाँव पर लगाकर रेत माफिया को जानकारी दे दी और रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया वहीं रेत खाली  करके गाड़ियां भागने लगी  भागते हुए एक ट्रैक्टर को पत्रकारों ने पकड़ भी लिया परंतु रेत माफिया ने बीट प्रभारियों को फोन लगाया और बीट प्रभारी ने गाड़ी को छुड़ावा दिया जबकि ट्रैक्टर में सोन नदी के रेत स्पष्ट लगे हुए थे बीट प्रभारी ने पत्रकारों से कहा कि आपको खर्चा दे रहे थे क्यों नहीं लिए धन्य है चेतराम….

अब देखना यह है कि चेतराम इन तिकड़ी रेत माफियाओं को थाना प्रभारी से कैसे बचाते हैं और अपने धूमिल छवि को किस तरह से पेश करते हैं।

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